गुरुवार, 21 अप्रैल 2016
पूजा के योग्य कौन है? Method of worship
56 करोड़ यादव कटकर मर गये
कबीर वाणी
संत रामपाल जी पर लगे आरोप बेबुनियाद
हिम्मत है तो मेरे गुरु पर लगे आरोप सिद्ध करके दिखाओ
हिम्मत है तो मेरे परमेश्वर द्वारा दिए ज्ञान को गलत साबित करके दिखाओ
अरे मूर्खों :-
समझो दिमाग का प्रयोग करो
पूरे ब्रह्माण्ड के धर्म गुरुओं को ललकारने वाला सभी धर्मों के गर्न्थो को खोलकर संगत को शिक्षित करने वाला
प्रमाण सहित धर्मगुरुओं को गलत साबित करने वाला
छाती ठोक कर अपने आप को परमेश्वर का दूत्त कहने वाले को कोई जेल में कैसे बन्द कर सकता है ?
या तो कोई कारण है जिसे ना तुम समझ पाये और ना ज्योति निरंजन जब जगत गुरु जेल से बाहर आएंगे तुम भी पछताओगे और तुम्हारा आका भी
रोहतक वाली जिस जेल में सन्त रहा वहां से जेल को ही ट्रांसफर करना पड़ा आज वहां पार्क है । फिर हिसार वाली जेल भी कहाँ रह पावेगी ? खट्टर फटर की तो विसात ही क्या ? हमारी लड़ाई ज्योति निरंजन भगवान से हैं मेरी लड़ाई अज्ञ
ान से है और आखिर जीत मेरी है मेरी संगत की है। सत साहेब
ान से है और आखिर जीत मेरी है मेरी संगत की है। सत साहेबबुधवार, 20 अप्रैल 2016
भवसागर के पक्षी। There are three types of whirlpool bird.
आज हम 21 वीं सदी में जी रहें हैं।
क्या आपको विज्ञान में रूचि है?
गायत्री मंत्र की सच्चाई
कहीं भी कोई उल्लेख नहीं है। वास्तव में "ॐ" लगाने से ये मंत्र उनुपयोगी हो जाता है।
वास्तविक मंत्र - "#यजुर्वेद अध्याय 36 मंत्र 3"
#भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात्॥
अर्थ - वेद ज्ञान दाता ब्रह्म कह रहा है की (स्व:) अपने निज सुखमय (भुव:) अंतरिक्ष अर्थात सतलोक में (भू:) स्वयं प्रकट होने वाला पूर्ण परमात्मा है। वही (सवितु:) सर्व सुख दायक सर्व का उत्पन्न करने वाला #परमात्मा है। (तत्) उस परोक्ष अर्थात अव्यक्त साकार (वरेण्यम) सर्वश्रेष्ठ (भर्ग:) तेजोमय शरीर युक्त सर्व सृष्टि रचनहार (देवस्य) परमेश्वर की (धीमही) प्रार्थना, उपासना, #शास्त्रानुकूल विधि से करें, (य:) जो परमात्मा सर्व का पालन करता है, वह (न:) हम को भ्रम रहित (धीय:) शास्त्रानुकूल सत्य भक्ति, बुद्धिमता अर्थात सदभाव से करने की (प्रचोदयात) प्रेरणा करे।
पवित्र #गीता के अध्याय 8 श्लोक 13 के अनुसार "#ॐ" मंत्र केवल "ब्रह्म" की प्राप्ति का मंत्र है, और हम जानते हैं की वेदों में "परम अक्षर ब्रह्म" अर्थात "पूर्ण परमात्मा" की महिमा का वर्णन किया गया है । यजुर्वेद के इस मंत्र में भी सर्व शक्तिमान, पूर्ण ब्रह्म #कबीर परमेश्वर की प्रशंसा की गयी है, इसलिए इसके आगे ब्रह्म का मंत्र(ॐ) लगाना ऐसा है, जैसे "प्रधान मंत्री" को "मुख्य मंत्री" कह कर उनका अपमान करना।
सत साहेब
मंगलवार, 19 अप्रैल 2016
गुरू का आदेश सर्वोपरि है।
सोमवार, 18 अप्रैल 2016
एक संत ऐसा
रविवार, 17 अप्रैल 2016
तीन देवों की जो करते भक्ति उनकी कभी न होवै मुक्ति
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